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Category: Top Love Shayri

TOP 99+ Romantic Shayari

 

जरुरी नही कि कुछ तोड़ने के लिए पत्थर ही मारा जाए,

लहजा बदल कर बोलने से भी बहुत कुछ टूट जाता है..




तन्हाई में जो चूमता है मेरे नाम के हरूफ फ़राज़

महफ़िल में वो शख्स मेरी तरफ देखता भी नहीं

 

 कोई न आएगा तेरे सिवा मेरी जिंदगी में “फ़राज़”

एक मौत ही है जिस का हम वादा नही करते




कितना नाज़ुक मिज़ाज़ है उसका कुछ न पूछिये “फ़राज़”

नींद नही आती उन्हें धड़कन के शोर से

 

अपने हाथों की लकीरें न बदल पाया “मोहसिन”

खुशनसीबो से बहुत हाथ मिलाये हम ने



कट गया पेड़ मगर ताल्लुक की बात थी,

बैठे रहे ज़मीन पर वो परिंदे रात भर।

 

शब्दों के इत्तेफाक़ में यूँ बदलाव करके देख,

तू देख कर न मुस्कुरा बस मुस्कुरा के देख।



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इश्क से तबियत ने जीस्त का मजा पाया,

दर्द की दवा पाई दर्द बे-दवा पाया।

 

तुम मेरी तस्वीर बना के लाई हो,

यानी अब मै दीबार से लगने वाला हूँ

 

कहते तो हो यूँ कहते, यूँ कहते जो यार आता
,
सब कहने की बात है कुछ भी नहीं कहा जाता।

 

 तुम्हारी याद भी ‘मोहसिन’ किसी मुफ़लिस की पूंजी है,

जिसे हम साथ रखते है जिसे हम रोज गिनते है



ज़िन्दगी बहुत ख़ूबसूरत है, सब कहते थे,

जिस दिन आपको देखा, यकीन भी हो गया

 

रो रो कर हाल ऐ दिल बता दू में तुम्हे लेकिन..
ये आँखे भी मेरी तन्हाई में रोना पसन्द करती हे

 

अजीब रिवाज है हमारे मुल्क का भी,
,
नीयत आदमियो की खराब होती है

और,,,

घूंघट औरतों से निकलवाते है !!👈🏻🙄

 

 

मेरे महबूब में है फूलों वाली हर
बात,

ये ज़रूरी तो नहीं कि गुलाबी हो
हर गुलाब…..

 

कसम खुदा की मैंने उसको तुम्हें समझकर चूमा था
फिर तुम दोनों बहनें भी तो दिखने में इक जैसी हो

 

“Kuchh nahin hai aaj, mere lafzon ke guldaste mein;

Kabhi kabhi meri khamoshiyan bhi padh liya karo.”

 

Dil Bujhne Laga Aatish-e-Rukhsaar Ke Hote,

Tanha Nazar Aate Hain, Gham-e-Yaar ke Hote.



उसके चेहरे की चमक के सामने सब सादा लगा

आसमान पे चाँद पूरा था मगर आधा लगा

 

 

उफ़ वो संगेमरमर से तराशा हुआ शफ़्फ़ाफ़ बदन

देखने वाले जिसे ताज महल कहते हैं

 

आँखे झीलों की तरह होंठ गुलाबो जैसे

अब भी होते है कई लोग किताबो जैसे

 

 अधूरा होकर भी मेरा इश्क़ कामिल है ,

तू मुझसे बिछड़ के भी मेरी जिंदगी में शामिल है।।

 

 Kabhi toota nahi mere dil se teri yaad ka tilism,

Guftagu jis se bhi ho khayal tumhara hi rehta hai..

 

कोई गज़ल लिखूँ या तुम्हें सोच कर तुम्हारे नाम का पहला अक्षर..
कलम को सुकून उतना ही मिलता है।

 

 चीटियां लग गयीं हैं नमक के डिब्बे में.

मैंने कहा था न कि तुम कुछ छुआ मत करो…….



 आंखें भी बोल उठी,
थक कर एक दिन ‘
ख्वाब वो देखा करो,
जो पूरे हों ….
रोज़-रोज हमसे भी,
रोया नहीं जाता….

 

 पैग़ाम -ऐ -शौक को इतना तवील मत करना ऐ “क़ासिद”

बस मुकतसर उन से कहना के आँखें तरस गयी हैं

 

कैसे मुमकिन था किसी और वसीले से इलाज ….
इश्क़ का रोग था , जहर के पीने से गया ..!!

 

 हम को अपनी समझ नहीं आती ,

हमें ज़माना काया खाक समझेगा



इश्क़ ” का बँटवारा , रज़ामन्दी से हुआ …

चमक उन्होंने बँटोरी , तड़प हम ले आये !!

 

Woh Mil Geya To Bichhadna Padega Phir

Isi Khayal Se Hum Raaste Badalte Rahe!

 

 वो ख्वाब में भी देखो दबे पांव आये है…

चरचा गवारा उनको सरे आम नहीं है…!!!

 

Khoon Bahana Pada Apna,
Rago me Bass Gayi thi”WoH”

 

बच्चों को पैरों पर, खड़ा करना था,

पिता के घुटने, इसी में जवाब दे गये ।



मै तुझे ता उम्र याद आऊं

भूल ने वाले तेरी सज़ा हो यह

 

तेरे जाने के बाद बदला है

पहले वालो का रंग काला था

 

नफरतों की सूली पर बेगुनाह झूले है,
धर्म तो याद है बस इंसानियत भूले है…

 

Dil Me Uthe Is Drd Ki

Intiha Kbi Na Puchna.. ..

 

 

Mere Jazbaat Ke Katl Ka Iljaam Uske Sir Kyu Nhi Aaya

Meri Aankhein Khuli Thi Tamam Umar Wo Ghar Kyu Nhi Aaya

 

Main Ne Zindagi Ko Rotae Dekha Hai

Main Nae Maut Ko Hanste Bhi Dekha Hai .. .

 

 Zikar Hua Jab Khuda Ki Rehmaton Ka

Humne Khud Ko Khushnaseeb Paya.. ..

 

 Kai So Bar Hum Uljhe

Ik Kaghaz Ki Kashti Se. ….

 

Ab is se badh kar bhala kya ho viraasat faqeer ki ?

Bachchon ko apni bheekh ke pyaale to de gaya …!



Le de ke wohi shakhs hai is sheher mein apna,

Duniya kahin usko bhi samajhdaar na kar de …!

 

Teri firaaq ke lamhen guzarne ke liye,

Humne har kisi se bana ke rakhi hai …!

 

Be’gunaahi ki sazaa kaat raha hu ,

Bas itna hi kaha tha ki wahan laash padi hai …!

 

 Har Shakhs To Faraib Nahi Deta,

Magar ab Aitbaar Zaib Nahi Deta..

 

Bahut Ajeeb Riwaaz Hai Duniyaa Ka Dekho Na Tum
Log Bahut Kuch Batorne Me Lage H Khaali Haath Jaane K Liye

 

बहुत अजीब रिवाज़ है दुनिया का देखो ना तुम
लोग बहुत कुछ बटोरने में लगे है ख़ाली हाथ जाने के लिए

 

Chale Bhi Aao Ke Kal Ka Kuch Aitbaar Nahi

Mareez-e-Hijr Sahar Tak Jiye Na Jiye

 

जो तौर है दुनिया का उसी तौर से बोलो
बहरों का इलाका है ज़रा ज़ोर से बोलो

 

 मैं तुम्हारी कुछ मिसाल तो दे दूँ मगर जानां,

जुल्म ये है कि बे-मिसाल हो तुम

 

 मैंने सब कुछ पाया, बस तुझको
पाना बाकी है,

यूं तो मेरे घर में कुछ कमी नहीं, बस तेरा आना बाकी है

नामालूम

 

 मेरे बस मे नहीं अब हाल-ए-दिल बयां करना,

बस ये समझ लो, लफ़्ज़ कम मोहब्बत ज्यादा हैं

नामालूम

 

मैं चाहता हूँ तुझे यूँ ही उम्र भर देखूं,

कोई तलब ना हो दिल में तेरी तलब के सिवा

नामालूम

 

 लगता है मेरा खुदा मेहरबान है मुझ पर,

मेरी दुनिया में तेरी मौजूदगी यूँ ही तो नहीं है

नामालूम

 

मोहब्ब्ते और भी बढ़ जाती है, जुदा होने से,

तुम सिर्फ मेरे हो, इस बात का ख्याल रखना

नामालूम

 

 मैं राज़ तुझसे कहूँ, हमराज़ बन जा ज़रा

करनी है कुछ गूफतगू, अलफ़ाज बन जा ज़रा

नामालूम

 

 मैने तडप कर कहा “बहुत याद आती हो तुम,

वो मुस्करा कर बोली तुम्हे और आता ही क्या है

नामालूम

 

 नहीं फुर्सत यकीं मानो हमें कुछ और करने की,

तेरी यादें, तेरी बातें बहुत मसरूफ़ रखती हैं मुझें

नामालूम

 

 

Apna ladna bhi mohabbat hai.. tumhein ilm nahi !

cheekhti tum rahi, aur mera gala baith gaya …!

 

 Paaon latkaa ke duniya ki taraf,

aao baithe kisi sitaare par . !



 Tumhe bhi neend si aane lagi hai.. thak gaye hum bhi,

chalo hum aaj ye qissa adhoora chhod dete hai…!

 

 Iss waqt wahan kaun dhuaan dekhne jaaye,

akhbaar mein padh lenge kahan aag lagi thi ..!

 

 Apne darwaaze par khud hi dastaken deta hai woh,

ajnabi lehje mein phir puchta hai “kaun hai” …??

 

 Dost masroof ho gaye itne,

hum ne dushman se raaz kehe daala …!

 

Uss ki aankhen jo kabhi shair sunaane lag jaaye,

jitni ghazlein hai zamane mein, thikaane lag jaaye…!

 

खुद को , खुद ही संभाल कर चलें,,,,,,,,,

जगह जगह पर गिरी है , लोगों की सोच….!!

 

Woh ja raha hai ghar se janaaza buzurg ka,

aangan mein ek darakht puraana nahin raha. !

 

Itni kashish to ho, Nigahe Shauqh mein…!
Saaqi
Idhar dil mein khayal aaye udhar wo be-karrar ho jaye…!!

 

Mera dard, mera hi dard tha.
.
Bahut dard hua ye jaan kar …!

 

Tum mujhe yaad ab nahin aate..

Tum mujhe yaad ho gaye ho ab …!

 

Tum na mausam the na qismat the, na taarikh na din !

Kis ko maloom tha iss tarah badal jaaoge …! ?

 

 लिबासो का शौक़ रखते थे जो कभी

आख़री वक़्त कह न पाए ये कफ़न ठीक नही’

 

 शुक्र है कि मौत सबको आती है

वरना अमीर तो इस बात का भी मजाक उड़ाते कि गरीब था इसलिए मर गया…!!



Din Kaise Bhi Guzaarle Ye Dil,

Tere Kooche Mai Sham Karta Hai..

 

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दिन कैसे भी गुजार ले ये दिल,

पर तेरे कूचे में ही शाम करता है

 

मैं तुम्हें चाहता हूँ सिर्फ तुम्हें
कोई मुझको भी चाहता है क्या ?

 

 

731+ Top Love Shayri & Status

अब इतना भी„ खूब ना लिखा „ करो यारो……….,

आप सबके , अल्फ़ाज़ों „ से इश्क़ „ सा होने लगा है……..💞



“हिरासत” में हु…मैं “तेरे” हसीन…”ख्वाबों” की……
:
बस “दुआ” हैं…कोई “जमानत” न करा दे…”हमारी”……💘

 

सुना है बड़े ग़ौर से देखतें हैं वो तस्वीर हमारी,

शायद उसमें जान डालने का इरादा है उनका

नामालूम

 

कोई तो बरसात ऐसी हो जो तेरे संग बरसे,

तन्हा तो मेरी आँखें हर रोज़ बरसती है

नामालूम

 

वो जो दो पल थे तुम्हारी और मेरी मुस्कान के बीच … बस वहीँ कहीं इश्क़ ने जगह बना ली..😍 💕 😍

 

कौन कहता है के दूरी से मिट जाती है मौहब्बत,

मिलने वाले तो ख्यालों मे भी मिला करते हैं

 

वो जो लाखों में एक होता है ना,

बस मेरे लिए आप वही हो

 

भूलने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता,

मैंने नहीं मेरी रूह ने चुना है तुम्हें

 

 Kitabe’n Ishq ki Parh kar, na samjho Khud ko Aashiq Tum,
,
Ye Dil ka Kaam.. Dil waalo’n ko karnae do.. tho Acha hai

 

 ik umer tak siskate rahe ik shaks ki kahtir

agr ye muhabbat hai to wallah meri toba…



 Mujhe Paakar Shayad Tumhe Kuch Ehsaas Na Ho,
Mujhe Khone Ka Gham Tumhe Bohat Tadpaayga

 

 Qabroon me nahi, hum ko kitabon me utaro,,

hum log mohabbat ki kahani me mare hai….!!

 

नींद चुराने वाले पूछते हैं सोते क्यू नही,

इतनी ही फिक्र है तो फिर हमारे होते क्यू नही

नामालूम

 

Aik Mudat Ke Bad Hum Ne Yeh Jana Aye ” KHUDA ”

Aik Teri Zaat Se Ishq Sacha Baqi Sb Afsaanay Hai

 

Hijr Ki Raat Bohat Lambi Hai

Dosto

Aao Uski Yaad Mein Thak Ke So Jaye

 

मुझ पर ही सितम ढा गए, मेरी गजल के शेर,
पढ़ पढ़ के खो रहे हैं वो किसी और के ख्याल में ।

 

Is qadar qeemti to na tha mera chain-o- sukoon.

Loot kar le gaya wo kisi anmol khazane ki tarah…!

 

 Wo aaj b mujhey sote mein dasne aaye ga…

Wo jaanta hai khilta hai mujh pe zeher ka rang…!



AAj fir Tumhari Yaad ne Cheen Liye Hosh-o-hawaas mere,

Pagal ho jayenge hum agar ye sil sila jaari raha.

 

Tumhe meri mohabbat ki kasam such such batana…!!
Gale me baahe daal kr manana kis se sekha hai.

 

Kis qadar ehtamaam krte ho

Dil dukhana SAWAB ho jese…!!

 

AJaB ShikWA SA REhTA hAi Tumhe mUjhE sE mUjE Tum SE…
AjnAbi!!!!…..
Tumhe ULFaT nhi muJhE SE muJhe nAFrAT nHI TUm SE …..

 

समझा रहा हूं दिल को सुबह से कि,

शाम तो होने दे वो बाँहों की हथकड़ी अपनी ही है

नामालूम

 

jis ka har Aib zamane Se chhupaya mene ,

mere qisse sar-e-bazar uchhale usne……….!

 

Tafseel Se Kaise Sunain Qissa Mohabbat Ka,

Ke Tum Masroof Ho Ab Tak Hume Barbad Karne Mai..!

 

 Ek nigah se hum khareed lein unhe

jinhe bara naaz hai k woh bikte nahi

 

 तमन्ना है मेरे मन की, हर पल साथ तुम्हारा हो,

जितनी भी सांसें चलें मेरी हर सांस पर नाम तुम्हारा हो

नामालूम

 

 नींद चुराने वाले पूछते हैं सोते क्यू नही,

इतनी ही फिक्र है तो फिर हमारे होते क्यू नही

नामालूम

 

इक तअल्लुक़ था जिसे आग लगा दी उस ने
अब मुझे देख रहा है वो धुआँ होते हुए

 

“मेरी ना रात कटती है… और ना ज़िन्दगी…,
वो शख्स मेरे वक़्त को इतना धीमा कर गया…।

 

 नजरो का क्या कसुर जो दिल्लगी तुम से हो गई,

तुम हो ही इतने प्यारे कि मुहब्बत तुमसे हो गई

नामालूम

 

ऐ हवाओं सूनो ज़रा पैगाम…ए…मोहब्बत न लाओ….

अगर मिजा़ज इतना आशिकाना है तो मेरा महबूब ले आओ….

 

बेबसी से बहुत परेशाँ हूँ
बेबसी की दवा बनाऊँगा

शमसुल हसन “शम्स”

 

सब्जी के पैसे थे जेब में मेरी—-😍😍

और मैं खरीद लाया हूँ पायल तेरे लिये_

 

KAID ME GUZRI JO UMR WO BADE KAM KI THI…

PAR ME KYA KARTA ZANZIRE TERE NAAM KI THI❤😉

 

 Usse aaina chhin kr le jaye koi ..!!

Wo khud ko najre lagati rheti hai…!!!

 

 EK PARINDA ABHI UDAN PE HAI..
TIR HAR SHAKS KI KAMAAN ME HAI❣

 

Umeed-E-Yaar , Nazar Ka Mijaz , Dard Ka Rang ,

Tum Aaj Kuch Bhi Na Pucho Ke Dil Udaas Bahut Hai !!

 

Woh Dukh Ki Barish Mein Chorr Gaya

Or Hum Samjhe Woh Sath Hume Le Gaya

 

Raat baki thi jab wo bichra tha…,

Kat gayi umar, raat baki hai….!!!

 

 Ik kiran bhi to nahi gham ki andheri raat mein,

Koi jugnu, koi aansuu, koi tara, kuch to ho…

 

 Abhi abhi woh gaye hain magar alam ye hai,

Bohat dinon se woh jese nazar nahi aaye…

 

 Insaan ka Ahtraam tha itna Hume Aziz,

Hum apne Dushmano se bhi Nafrat na kar sake..



 Me bhi dekhunga use mang kar ek din,

Log kehte he mango to Khuda deta hai..

 

 Barbaad hone ke to Aur Bhi Raste The,

Najane Mujhe Muhabbat Ka Hi Khayal Ku Aaya..

 

 Phir Wohi Khawab Se Toote Hai Meri Aankhon Mein,

Phir Wohi Dard Ki Talkhi Hai Meri Baaton Mein

 

Pehli Mulaqaat Thi Aur Hum Dono He Be-Bas The

Wo Zulfain Na Sambhal Paye Aur Hum Khud Ko

 

सारे वादों के मायने बस हमारे लिये है ,😑

तुम जब चाहो अपनी जबान से पलट जाऔ ..😏😏

 

JISE “MAI” KI HAWA LAGI..

USEY FIR NA DAWA LAGI NA DUA LAGI.. ❤❤

 

एक तेरा खयाल ही तो है मेरे पास..
.
.
वरना कौन अकेले में बैठ कर चाय पीता है..!

 

गर्दिशे तो चाहती है तबाही मेरी, मगर…

मजबूर है किसी की दुआओ के सामने…

 

 Mohabbat us ko bhi to khete hai…!!!

Us ke naam pe sab likhna pr us ka naam na likhna…!!!

 

Main itna aam sa laga usko..!!!

Mujhe kho kr vo pachtai bhi nahi…!!!

 

 EK NARAZGI SI HAI ZEHAN ME JARUR

PR. ME NARAZ KISISE NAHI❤

 

JISE “MAI” KI HAWA LAGI..

USEY FIR NA HAWA LAGI NA DUA LAGI.. ❤❤

 

DOSTO KE NAAM KA AEK KHAT JEB ME RAKH KAR KYA CHALA..!

KARIB SE GUZARNE WALE PUCHHTE ITR KA NAM KYA HAI?❣

 

Mere lafz mere zakhmi dil ka dard bayaan karte hain

Aur log kehte hain, main Shayari likht hun….

 

 Mohabbat Phool ki PattioN se Badh Kar Naazuk Thi

Jise Qadmo Tale Usne,Kubhi Ka Roond Dala Hai

 

 KASH KE WO HOTA PASS
KASH KE NA HOTA YE “KASH”

 

 Tu ne hi kiya tha mohobat ki kashti mein sawar,

Ab ankhen na chura muje doobta bhi dekh.

 

कर्ज़ होता तो उतार भी देते…

कमबख़्त “इश्क़” था… चढ़ारहा

 

 ज़िन्दगी को फिर से लिखने का,
बहुत मन करता है कभी-कभी।।”

 

 Wo Loog Bataenge Qayaamat Kya Hai

Jin Logo Ne Dekhi Hai Jawaani Uski

 

लफ्ज दिल से निकला है, दिल पे ही लगेगा,

मेरी शायरी किसी वाह की मोहताज नहीं

नामालूम

 

 अपने होठों से चुन रहा हूँ तुम्हारी सासों की आयतों को,

कि जिसम के इस हसीन काबे पे
रूह सजदे बिछा रही है

 

Kia Kaha..?? Main Bhool Gaya Hon Tujhe..?

Nahi…! Nahi …! Dil Abhi Dharakta Hai…

 

 Mehfil Lagi Thi Bad’Duaon Ki, Hum Ne Bhi Dil se Kaha,

Use Ishq Ho….! Use Ishq Ho….! Use Ishq Ho….!

 

 Mein Ne Ye Kab Kahaa Tha Mohabbat Mein Hai Nijaat ?

Mein Ne Ye Kab Kahaa Tha Wafadaar Hi Raho ?

 

Bade Masoom Bante Ho, Sitam Bhi Laakh Dhaate Ho,

Sitam Choro Ya Na Choro,, Magar Masoomiyat Choro..

 

Woh ek bat bohat talkh Kahi thi us ne,

Baat to yad nahi,, Yaad hai Lehja us ka …!!!

 

Jab teri yaad me mishra koi likhane betha
Me ne kaghaz pe bhi chalo ka gulistan dekha

 

To ne dekha hai mandiro pe charagho ko faqat
Me ne jalta hua har dor me insan dekha

 

 सुनो तुम्हारी यादों के जो सिक्के है ना,

कि रात को आवाज़ बहुत करते है

 

 

Qabza na’haq na kijiye khud per,

Aap apne nahi hamare hai…

 

 Zindagi Hai So GuzaR Rahi Hai Warna,

Humain guzRe To Zamane Hue…

 

 Bhookh Mitaane Ki Khaatir
,
Hum Ne Sapne Bech Diye

 

 Hum Tujhe Sheher Mein Yu Dhoondte Hai

Jis Tarah Log Sakoon Dhoondte Hai

 

 Shoq Se Todo Dil Mera,

Apna Hi Ghar Barbad Kro Gye..!

 

 Shakista dill hai magar milta hu har ek se hans kar,

Yahi to fun hai jo Aaya hai boht kuch kho jane ke baad

 

Tafseel Se Kaise Sunain Qissa Mohabbat Ka,

Ke Tum Masroof Ho Ab Tak Hume Barbad Karne Mai..!

 

 Ek nigah se hum khareed lein unhe

jinhe bara naaz hai k woh bikte nahi

 

 तमन्ना है मेरे मन की, हर पल साथ तुम्हारा हो,

जितनी भी सांसें चलें मेरी हर सांस पर नाम तुम्हारा हो

नामालूम

 

 नींद चुराने वाले पूछते हैं सोते क्यू नही,

इतनी ही फिक्र है तो फिर हमारे होते क्यू नही

नामालूम

 

Hijr Ki Raat Bohat Lambi Hai

Dosto

Aao Uski Yaad Mein Thak Ke So Jaye

 

 Aik Mudat Ke Bad Hum Ne Yeh Jana Aye ” KHUDA ”

Aik Teri Zaat Se Ishq Sacha Baqi Sb Afsaanay Hai

 

नींद चुराने वाले पूछते हैं सोते क्यू नही,

इतनी ही फिक्र है तो फिर हमारे होते क्यू नही

नामालूम

 

 Kitabe’n Ishq ki Parh kar, na samjho Khud ko Aashiq Tum,
,
Ye Dil ka Kaam.. Dil waalo’n ko karnae do.. tho Acha hai

 

 ik umer tak siskate rahe ik shaks ki kahtir

agr ye muhabbat hai to wallah meri toba…

 

Mujhe Paakar Shayad Tumhe Kuch Ehsaas Na Ho,
Mujhe Khone Ka Gham Tumhe Bohat Tadpaayga

 

Qabroon me nahi, hum ko kitabon me utaro,,

hum log mohabbat ki kahani me mare hai….!!

 

कौन कहता है के दूरी से मिट जाती है मौहब्बत,

मिलने वाले तो ख्यालों मे भी मिला करते हैं

 

वो जो लाखों में एक होता है ना,

बस मेरे लिए आप वही हो

 

भूलने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता,

मैंने नहीं मेरी रूह ने चुना है तुम्हें

 

वो जो दो पल थे तुम्हारी और मेरी मुस्कान के बीच … बस वहीँ कहीं इश्क़ ने जगह बना ली..😍 💕 😍

 

अब इतना भी„ खूब ना लिखा „ करो यारो……….,

आप सबके , अल्फ़ाज़ों „ से इश्क़ „ सा होने लगा है……..💞

 

“हिरासत” में हु…मैं “तेरे” हसीन…”ख्वाबों” की……
:
बस “दुआ” हैं…कोई “जमानत” न करा दे…”हमारी”……💘

 

 सुना है बड़े ग़ौर से देखतें हैं वो तस्वीर हमारी,

शायद उसमें जान डालने का इरादा है उनका

नामालूम

 

 कोई तो बरसात ऐसी हो जो तेरे संग बरसे,

तन्हा तो मेरी आँखें हर रोज़ बरसती है

नामालूम

 

मुझपर ही सितम ढा गए, मेरी गजल के शेर,
पढ़ पढ़ के खो रहे हैं वो किसी और के ख्याल में ।

 

Is qadar qeemti to na tha mera chain-o- sukoon.

Loot kar le gaya wo kisi anmol khazane ki tarah…!

 

 Wo aaj b mujhey sote mein dasne aaye ga…

Wo jaanta hai khilta hai mujh pe zeher ka rang…!

 

AAj fir Tumhari Yaad ne Cheen Liye Hosh-o-hawaas mere,

Pagal ho jayenge hum agar ye sil sila jaari raha.

 

Tumhe meri mohabbat ki kasam such such batana…!!
Gale me baahe daal kr manana kis se sekha hai.

 

Kis qadar ehtamaam krte ho

Dil dukhana SAWAB ho jese…!!

 

AJaB ShikWA SA REhTA hAi Tumhe mUjhE sE mUjE Tum SE…
AjnAbi!!!!…..
Tumhe ULFaT nhi muJhE SE muJhe nAFrAT nHI TUm SE …..

 

 समझा रहा हूं दिल को सुबह से कि,

शाम तो होने दे वो बाँहों की हथकड़ी अपनी ही है

नामालूम

 

jis ka har Aib zamane Se chhupaya mene ,

mere qisse sar-e-bazar uchhale usne……….!

 

इक तअल्लुक़ था जिसे आग लगा दी उस ने
अब मुझे देख रहा है वो धुआँ होते हुए

 

“मेरी ना रात कटती है… और ना ज़िन्दगी…,
वो शख्स मेरे वक़्त को इतना धीमा कर गया…।

 

नजरो का क्या कसुर जो दिल्लगी तुम से हो गई,

तुम हो ही इतने प्यारे कि मुहब्बत तुमसे हो गई

नामालूम

 

ऐ हवाओं सूनो ज़रा पैगाम…ए…मोहब्बत न लाओ….

अगर मिजा़ज इतना आशिकाना है तो मेरा महबूब ले आओ….

 

बेबसी से बहुत परेशाँ हूँ
बेबसी की दवा बनाऊँगा

शमसुल हसन “शम्स”

 

 DOSTO KE NAAM KA AEK KHAT JEB ME RAKH KAR KYA CHALA..!

KARIB SE GUZARNE WALE PUCHHTE ITR KA NAM KYA HAI?❣

 

 EK NARAZGI SI HAI ZEHAN ME JARUR

PR. ME NARAZ KISISE NAHI❤

 

JISE “MAI” KI HAWA LAGI..

USEY FIR NA DAWA LAGI NA DUA LAGI.. ❤❤

 

 एक तेरा खयाल ही तो है मेरे पास..
.
.
वरना कौन अकेले में बैठ कर चाय पीता है..!

 

गर्दिशे तो चाहती है तबाही मेरी, मगर…

मजबूर है किसी की दुआओ के सामने…

 

 Mohabbat us ko bhi to khete hai…!!!

Us ke naam pe sab likhna pr us ka naam na likhna…!!!

 

 Main itna aam sa laga usko..!!!

Mujhe kho kr vo pachtai bhi nahi…!!!

 

 KAID ME GUZRI JO UMR WO BADE KAM KI THI…

PAR ME KYA KARTA ZANZIRE TERE NAAM KI THI❤😉

 

Usse aaina chhin kr le jaye koi ..!!

Wo khud ko najre lagati rheti hai…!!!

 

 EK PARINDA ABHI UDAN PE HAI..
TIR HAR SHAKS KI KAMAAN ME HAI❣

 

Umeed-E-Yaar , Nazar Ka Mijaz , Dard Ka Rang ,

Tum Aaj Kuch Bhi Na Pucho Ke Dil Udaas Bahut Hai !!

 

Woh Dukh Ki Barish Mein Chorr Gaya

Or Hum Samjhe Woh Sath Hume Le Gaya

 

 Raat baki thi jab wo bichra tha…,

Kat gayi umar, raat baki hai….!!!

 

 Ik kiran bhi to nahi gham ki andheri raat mein,

Koi jugnu, koi aansuu, koi tara, kuch to ho…

 

 Abhi abhi woh gaye hain magar alam ye hai,

Bohat dinon se woh jese nazar nahi aaye…

 

 Insaan ka Ahtraam tha itna Hume Aziz,

Hum apne Dushmano se bhi Nafrat na kar sake..

 

Me bhi dekhunga use mang kar ek din,

Log kehte he mango to Khuda deta hai..

 

Barbaad hone ke to Aur Bhi Raste The,

Najane Mujhe Muhabbat Ka Hi Khayal Ku Aaya..

 

 Phir Wohi Khawab Se Toote Hai Meri Aankhon Mein,

Phir Wohi Dard Ki Talkhi Hai Meri Baaton Mein

 

Pehli Mulaqaat Thi Aur Hum Dono He Be-Bas The

Wo Zulfain Na Sambhal Paye Aur Hum Khud Ko

 

सारे वादों के मायने बस हमारे लिये है ,😑

तुम जब चाहो अपनी जबान से पलट जाऔ ..😏😏

 

 

Chalo aaj fir dikhawa karte hai..
Tum puchho ” kese ho? ”
Me kahu ” sab thik”.

 

 ख़ुद को अपडेट कर रहे हैं हम
बस तेरा वेट कर रहे हैं हम

शमसुल हसन “शम्स”

 

Q Habibi??
Koi baat dil Pe Lagi Hein
Ya Dil Lagye Bethe Ho

 

Lehron Se Khailna To Sagar Ka Shoq Hai
Lagti Hai Chot Kese Kinary Se Puchiye…

 

 Bharam rakh lo mohabbat ka wafa ki shan bun jao
Hamare jaan le lo ya hamari jaan bun jao

 

Chand Bhi Tanha, Raat Bhi Tanha, Aur Tanha Meri Zaat Hai
,
Phir Toot Ke Wo Yaad Aaya Ajeeb Ye Raat Hai

 

 Bicharr ke tujh se na dekha gaya kisi ka milaap,

Uda diye parinde shajar pe bethe hue…

 

 Mere din raat mushqil mai hai, sakoon ek pal nahi mujh ko.

Mohabbat Tars kha mujh per, Mohabbat chorr jaa mujh ko..!!

 

 Kuch Khaas Dilon Ko Ishq Ke Ilhaam Hote hai

Mohabbat Mojza Hai, Mojzay Kab Aam Hote Hai !

 

 Main Apni Khaak Pe Kaise Na Laot Kar Aata ??????

Bohat Qareeb Se Koi Pukaarta Tha Mujhe…

 

 Kaisa Waqt He Use Fursat Nahi Mujhe Yaad Krne Ki . .
.
Kabhi Wo Shaks Meri Hi Sanso Se Jiya Krta Tha . .

 

GHAR SE MASJID HAI BAHOT DUR..

CHALO YU KARLE KISI ROTE HUWE BACHHE KO HASAYA JAYE

 

संजीदा बनूं तो, कुछ ख्वाब बिखर जाएंगे..

रह लेने दो जाहिल, थोड़ा और निख़र जाएंगे।

 

Tujhse bichar ke saans to Chalti rahi magar,

Main khud ko zindaa dekh kar Hairat se mar gaya..

 

बहुत महंगे हो गए हैं इशारे उनके,

देखते हैं बहुत मगर मुस्कुराते नहीं…

 

बाद मरने के तुझे देखने की हसरत में
अपनी आँखें मैं किसी और को दे जाऊँगा

 

आज थोड़ा सा प्यार उधार दे दो…….
हम ब्याज लगाकर ज्यादा प्यार दे देंगे

 

Main un se kar raha tha tassawur mein guftgu,

Duniyaa samajh rahi thi mein deewaana ho gaya..

 

 Zamana Bade Ghor Se Sun Rha Tha

Hum So Gye Daastan Kehte Kehte

 

 चाहत, फ़िकर, ऐहतराम, सादगी, वफ़ा,
मेरी इन्हीं आदतों ने मेरा तमाशा बना दिया

 

Mujhe Tumhari Judai ka koi gham nahi,

Mere khayal ki Duniya me mere pass ho tum!!!

 

क्या कुछ नही हो रहा इस दुनिया में,

कि तुम भी कुछ ले देकर मेरें हो हो जाओ ना

नामालूम

 

हम रोये भी तो किस पर रोये…

दिल की लाश पर या उसकी हर बात पर…

 

 Ishq karna hai to phir dard bhi sehna seekho,

Warna aesa karo, aukaat mein rehnaa seekho..

 

Mujh Se Pathar Ye Keh Kar Bachne Lage,

Tum Na Sambhlo Ge Thokarain Kha Kar….

 

खत्म ख़त्म सा लगे गर इश्क़-ए-दरिया…

मांग लेना मुजसे, मैं अश्क-ए-समुन्दर हूँ…!!!

 

 

 Woh Tasveer Laakhon Me Bikh Gayi,

Jis Me Roti Ke Bagair Baccha Udaas Tha..

 

Mujh Mein Jab Bolta Hai Junoon Yaar Ka,

Phir Kahan Main Koi Guftugu Karta Hu…

 

 Tanha Samajh Raha Hai Mere Dil Ko Charagar

Duniya Basi Hai Iss Mai Kisi K Khyaal Ki

 

Main kaabil-e-nafrat hu to chorr de mujh ko,

Tu mujh se yu dikhawe ki mohabbat na kiya kar..

 

 छुपी होती है लफ्जों में गहरी राज की बातें,

लोग शायरी या मज़ाक समझ के बस मुस्कुरा देते हैं

नामालूम

 

Sawaal,e,ishq pe lambi kahaniyaan na suna.
Mujhe bata ke tu krta hai ya nhi krta ?

 

 आपके ख्याल में मैं जब बे ख्याल होता हूँ,

जरा सी देर के लिए ही सही पर बे मिसाल होता हूँ

 

 तीन सौ चाँदनी रातें
एक तरफ
हाय ये तेरा अंदाज़-ए-तबस्सुम

 

 आप बेहद हसीन है…
लेकिन मैं उसे भूल ही नही सकता…

 

शोर की तो एक उम्र होती है , साहिब
लेकिन,
ख़ामोशी सदाबहार होती है…!!

 

सोच रहा था कुछ लिखू आपके लिए,

और शब्द है कि लड़ते रहे पहले मैं पहले मैं

 

 

 बिल्कुल जुदा है उन की, सादगी का
अंदाज..
नजरे भी मुझ पर है और नफरत भी मुझ ही से…

 

 Samandar se kahe do ki apni maojo ko sambhal kr rkhe. . Yaha k log hi kafi hai zindagi me tufaa laane k liye.

 

Sukoon Milta Hai
Do Lafz Kaagaz Par Utar Kar ,
Cheekh Bhi Leta Hoon
Aur Aawaz Bhi Nahi Hoti….



दिन भर शायरी ही करते रहोगे.
.
.
आओ साहेब पहले चाय पीते हैं.

 

Aaj fir char baatei sun k jaga tha…
Wo takiya v mathe par nhi farsh pe pada tha..
Chaddar Ki v halat mere halat jaise tha ,
na mujh par pura tha or na hi khud apni jagah par adha tha.
Aaj kuchh khas nhi din itwaar (Sunday) tha.!

 

Haan maa kamo mai padi hui thi,
par uth ja re ka ratta lagaye rakha tha.
Khair iss pagli ko samjhna jara mushkeel tha
Kyunki sar pe hath ferkar usi ne rat ko sulaya tha.
Aaj kuchh khas nhi bas din itwar tha.!!

 

Aaj roj ki trah wo alarm v nhi baja tha..
Na koi snoozing na koi reminder pada tha…
Kyunki bhai ne pahle hi ghadi band kar rkha tha
Angdayiyan puri thi aaj,khidki pe Suraj v aa gya tha.
Aaj kuchh khas nhi bas wohi din itwaar tha.!!

 

 

 “बारिश में रख दूँ जिंदगी को,
ताकि धुल जाए पन्नो की स्याही।

ज़िन्दगी को फिर से लिखने का,
बहुत मन करता है कभी-कभी।।”

 

Wo Loog Bataenge Qayaamat Kya Hai

Jin Logo Ne Dekhi Hai Jawaani Uski

 

लफ्ज दिल से निकला है, दिल पे ही लगेगा,

मेरी शायरी किसी वाह की मोहताज नहीं

नामालूम

 

💖💖💖 सभी के चेहरे में वो बात नहीं होती,
थोड़े से अँधेरे से रात नहीं होती,
जिंदगी में कुछ लोग बहुत प्यारे होते हैं,
क्या करें उन्ही से हमारी ‘मुलाकात’ नहीं होती.💖💖💖

 

☝…होती💞 नहीं है👉 मोहब्बत😏 सूरत से;
👍मोहब्बत तो💖 दिल👌 से होती है;
सूरत 😍उनकी_ खुद-ब-खुद लगती ✌है प्यारी
कदर😎 जिनकी😘 दिल में होती है

 

 ए रात तुम तो मोहब्बत के आगोश में सो जाया करो,
हमारी तो आदत है चाँद की रखवाली करना !!

 

 तेरी आवाज़ तेरे रूप की पहचान है,
तेरे दिल की धड़कन में दिल की जान है,
ना सुनूं जिस दिन तेरी बातें,
लगता है उस रोज़ ये जिस्म बेजान है,,
💔

 

जब रूह में उतर जाता है
बेपनाह इश्क़-समंदर…

लोग ज़िंदा तो होते है
मगर किसी और के अन्दर…

 

प्यार कब हुआ…
कैसे हुआ,
कुछ पता नही…
बस इतना जानते हैं
तुमसे हुआ,, तुमसे हैं ,,
तुमसे ही रहेगा,…

 

आँखों की गुस्ताखियाँ माफ हो
इक टुक तुम्हें देखती है
जो बात कहना चाहे ज़ुबां
तुमसे ये वो कहती है .

 

 इनायत की , करम की , लुत्फ़ की , आख़िर कोई हद है

कोई करता रहेगा …….चारा-ए-ज़ख़्म-ए-जिगर कब तक

 

 चढ़ा रंग जमाने को गरीबों का जीवन जारों कतार है

खुश गवारी है वरना सीने में धँस सा जाये कुठार है।

 

नजर से दूर रहकर भी किसी की सोच में रहना
~
किसी के पास रहने का तरीका हो तो ऐसा हो,…

 

भरे कुछ रंग प्यार के और कुछ रंग
उस में उसने शायद विश्वास का मिलाया

कहा जब आँखों में आँखें डाल कर
कि अब ये न उतरेगा ज़िंदगी से
तो लगा ..
एक यही सच्चा रंगरेज है
जो जानता है कि ..

प्यार और विश्वास के रंग
कभी ज़िंदगी में फीके नहीं पड़ते..

 

 मेरे तो दर्द भी औरो के काम आते है…..मै जो कभी रो पड़ूं तो कई लोग मुस्कुराते है….!!!!!

 

मेरी सासों में सिर्फ तेरा नाम है……..

मेरी बदली जो किस्मत वो तेरा साथ है…….

ऐ खुदा अब मौत भी पहले मेरी हो, हर दुआ जो मेरे साथ है…….🖋🍁🍁🍁🍁

 

आँख से आँख मिलाता है कोई
दिल को खींचे लिए जाता है कोई….

 

जरूरतें भी जरूरी हैं, जीने के लिये लेकिन……
तुझसे जरूरी तो, जिदगी भी नही……🖋🍁🍁🍁🍁

 

 आँखों की गुस्ताखियाँ माफ हो
इक टुक तुम्हें देखती है
जो बात कहना चाहे ज़ुबां
तुमसे ये वो कहती है .

 

 कौन कहता है
दुनिया में
हमशक्ल नहीं होते….
देख मेरा दिल
तेरे दिल से
कितना मिलता है…💕

 

 जरूरतें भी जरूरी हैं, जीने के लिये लेकिन……
तुझसे जरूरी तो, जिदगी भी नही……🖋🍁🍁🍁🍁

 

तेरी मोहब्बत में एक अजब सा नशा है तभी तो सारी दुनिया हमसे ख़फ़ा है ना करो तुम हमसे इतनी मोहब्बत कि दिल ही हमसे पूछे बता तेरी धड़कन कहाँ है !!

 

मेरी सासों में सिर्फ तेरा नाम है……..

मेरी बदली जो किस्मत वो तेरा साथ है…….

ऐ खुदा अब मौत भी पहले मेरी हो, हर दुआ जो मेरे साथ है…….🖋🍁🍁🍁🍁

 

आँख से आँख मिलाता है कोई
दिल को खींचे लिए जाता है कोई….

 

शीशा तो टूट के अपनी कशिश बता देता हैं
दर्द तो उस पत्थर का हैं जो टूटने के काबिल भी नही…

 

बस मेरे मुस्कराने की,
वजह बने रहना
जिंदगी में न सही
मगर जिंदगी बने रहना …✍✍

 

दर्द बयां करना है तो शायरी से कीजिये जनाब,

लोगों के पास वक़्त कहाँ एहसासों को सुनने का..

 

खूबसूरत होते हैं वो पल, जब पलकों में सपने होते हैं “

चाहे जितने भी दूर रहें, अपने तो अपने होते है।।💖

 

 कोई सफर यूँ भी हो कि तुम हमसफ़र बनो ..
.
रास्ता हो कागज सा और तुम ग़ज़ल बनो ..

 

मेरे तो दर्द भी औरो के काम आते है…..मै जो कभी रो पड़ूं तो कई लोग मुस्कुराते है….!!!!!

 

“महफ़िल भी रोयेगी, महफ़िल में हर शख्स भी रोयेगा;
डूबी जो मेरी कश्ती तो चुपके से साहिल भी रोयेगा;
इतना प्यार बिखेर देंगे हम इस दुनिया में कि;
मेरी मौत पे मेरा क़ातिल भी रोयेगा।💖☝🏻🍁

 

🌹🌹 गुनाह किये होते, तो मांफ भी हो जाते साहिब_

ख़ता तो मुझसे ये हुई,कि उनसे इश्क़ हो गया_💖☝🏻🍁

 

 इससे अच्छी “दोस्ती” और “क्या” हो सकती है…!!
✍🏻✍🏻 कि हम कभी “मिले” नहीं मगर “दोस्ती” है…!!

 

💕💕आँखों के सामने तुम नहीं हो तो क्या,,

💕💕पलकों को मिलाते ही तुम ही तुम हो..

 

❣तुम याद नही करते,,💞 हम तुम्हे भुला नही सकते…
तुम्हारा और हमारा रिश्ता इतना खूबसूरत है.. 💞💞

 

👉तुम सोच नही सकते,,,, हम👈बता नही सकते……✍



 

👸👈तेरे 💏प्यार ❤ का कितना 😊खूबसूरत
😘एहसास है,
दूर होकर भी 🤔लगता है… जैसे 👉👸 तू हर पल 👦मेरे आस पास है || 🌹💖

 

छोटी सी उम्र👦 मे इतनी हैसियत💪 बना ली है..!!😊कि मेला 👨‍👩‍👦‍👦लग 👫जायेगा👭 ।। 😢उस दिन श्मशान♨ मे..!!😛जिस दिन हम 🚶चले जायेंगे ।।👆 आसमान मे ।।☁☁

 

✵➥ उस मोड़ ╰╮╰╮ से ➧➧ शुरू 🏃 करनी है फिर से 😒 जिंदगी ••

जहाँ सारा ➣ शहर अपना 👫 था और ➪ तुम 👰 अजनबी 😌 थी ..|||🎀👭🎏||

 

🍧💕💕सुना🗣 है शायरी📝 इश्क💝 करने💏 वाले किया😘 करते है😉 ,

💕💕 पर😒 उनका☝🏻 क्या🤔 जो 😳इसे👉📝 चोरी चोरी😻👈🏻 पढ़ा📖 करते😂 है ,,,😜

 

👉👸मेरे 😘सजदे की 🙏दुआएँ 👉🤵तुम ❔क्या 🤔जानो 💏हमदम…

*😇सर 🙇झुका तो 👉🤵तेरी 🙂खुशी 🙏माँगी 🖐हाथ 🙌उठे तो 👉🤵तेरी 😍जिँदगी…

 

🕊🌹खुली जो आँख तो न वो था न वो ज़माना था,
बस दहकती आग थी तन्हाई थी फ़साना था,,
🕊🌹क्या हुआ जो चंद ही क़दमों पे थक के बैठ गए,
तुम्हें तो साथ मेरा दूर तक निभाना था🕊🌹

 

क्या पता क्या खूबी है उनमे और क्या कमी है हम में,

वो हमे अपना नही सकते और हम उन्हे भुला नही सकते !!



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